महराजगंज जनपद के सेमराहवा गांव में एक परिवार इस समय कठिन दौर से गुजर रहा है। परिवार के 7 वर्षीय मासूम अवधेश पुत्र प्रभु नाथ को ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी ने जकड़ रखा है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस परिवार के लिए बच्चे का इलाज कराना असंभव हो चला था, और वे हर ओर से निराश हो चुके थे।
ऐसे कठिन वक्त में जब परिवार को सबसे ज्यादा सहारे की जरूरत थी, वार्ड नंबर 16 के समाजसेवी युनुस खान एक फरिश्ते की तरह सामने आए। अपनी सीमित सामर्थ्य के बावजूद उन्होंने बच्चे के इलाज के लिए दिल खोलकर सहयोग किया। उनका यह कदम सच्ची इंसानियत और समाज सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।
इस नेक पहल पर बात करते हुए युनुस खान ने कहा :
किसी की मदद करने के लिए बड़ा होना जरूरी नहीं, बस दिल बड़ा होना चाहिए।
उन्होंने समाज के हर व्यक्ति से अपील की कि वे अपनी क्षमता अनुसार दूसरों की मदद के लिए आगे आएं, ताकि कोई भी गरीब या मजबूर व्यक्ति अपनी परेशानी में अकेला न रहे।
सोचने वाली बात:
वार्ड नंबर 16 में कई प्रभावशाली और संपन्न लोग रहते हैं, लेकिन जब तक युनुस खान आगे नहीं आए, किसी ने भी इस पीड़ित परिवार की सुध नहीं ली। यह स्थिति समाज के लिए एक गहरा प्रश्न खड़ा करती है — क्या हमारी संवेदनाएं अब कमजोर हो चुकी हैं?
युनुस खान की इस पहल में अभिषेक वरुण, चंद्रशेखर, धर्मेंद्र, छोटू, आदिल खान, उमर, जूबेर सहित कई ग्रामीण भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस नेक कार्य में उनका पूरा साथ दिया।
युनुस खान जैसे समाजसेवियों की मौजूदगी यह साबित करती है कि अगर इंसानियत जिंदा है, तो कोई भी मुश्किल इतनी बड़ी नहीं होती कि वह गरीब और बेबस इंसान को हरा सके।







