RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सरकारी धन से धार्मिक स्थल बनाए जाने के सवाल पर स्पष्ट रुख रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार को मंदिर या किसी भी प्रकार का धार्मिक स्थल नहीं बनाना चाहिए, यही नियम है।
उन्होंने सोमनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए बताया कि उस समय सरदार वल्लभभाई पटेल देश के गृह मंत्री थे और राष्ट्रपति उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे, लेकिन मंदिर निर्माण में सरकारी धन का उपयोग नहीं किया गया था।
राम मंदिर के संदर्भ में मोहन भागवत ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बनाया गया। अदालत के निर्देश पर सरकार ने एक ट्रस्ट का गठन किया, लेकिन सरकार ने इसके निर्माण के लिए कोई धन नहीं दिया। राम मंदिर का निर्माण जनता के योगदान से किया गया, जिसमें सभी ने सहयोग किया।





