श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश): भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक अंतरिक्ष मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है, आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ISRO के सबसे भारी प्रक्षेपण यान LVM3 के जरिए अमेरिकी कंपनी AST SpaceMobile का अगली पीढ़ी का संचार उपग्रह ‘ब्लूबर्ड ब्लॉक-2’ (BlueBird Block-2) अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया।
ISRO ने इस मिशन के तहत सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित किया, यह अब तक LVM3 रॉकेट के जरिए किया गया सबसे भारी कमर्शियल पेलोड लॉन्च माना जा रहा है।
4G/5G कनेक्टिविटी का लक्ष्य :
अमेरिकी कंपनी का यह उपग्रह विशेष रूप से इस उद्देश्य से डिजाइन किया गया है कि यह दुनिया भर में सीधे स्मार्टफोन तक 4G और 5G हाई-स्पीड सेल्युलर ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध करा सके, इसके माध्यम से दूरदराज़ और नेटवर्क से वंचित इलाकों में भी मोबाइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सकेगी।
वाणिज्यिक सहयोग की बड़ी उपलब्धि :
यह मिशन ISRO की वाणिज्यिक शाखा न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के माध्यम से संपन्न हुआ, जो भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को वैश्विक बाजार में मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, विशेषज्ञों के अनुसार, यह लॉन्च भारत को अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल लॉन्च सेवाओं में एक भरोसेमंद और सक्षम साझेदार के रूप में स्थापित करता है।
तकनीकी और रणनीतिक महत्व :
ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट आधुनिक संचार तकनीक से लैस है और भविष्य में वैश्विक मोबाइल नेटवर्क कवरेज को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। इस सफल मिशन के साथ ISRO ने एक बार फिर अपनी तकनीकी दक्षता और विश्वसनीयता का प्रदर्शन किया है।






