नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026–27 पेश किया। इस बजट में सरकार ने लॉन्ग-टर्म आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा और राजकोषीय अनुशासन पर विशेष फोकस रखा है। हालांकि मिडिल क्लास को इनकम टैक्स में बड़ी राहत नहीं दी गई है।
बजट का कुल आकार और खर्च:
केंद्र सरकार ने आगामी वित्त वर्ष के लिए कुल 53.47 लाख करोड़ के व्यय का प्रस्ताव रखा है। इसमें से लगभग 12.2 लाख करोड़ पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिससे सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को गति मिलेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार:
बजट में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, डनकुनी–सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, और 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों की घोषणा की गई है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की भी घोषणा की गई है।
टैक्स से जुड़े अहम ऐलान:
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, शेयर बायबैक टैक्स नियमों में बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब शेयर बायबैक से होने वाली आय पर शेयरधारकों को कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। वहीं, विदेश में पढ़ाई, मेडिकल ट्रीटमेंट और टूर पर TCS की दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है।
महंगाई से राहत:
सरकार ने आम लोगों को राहत देते हुए 17 कैंसर की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी है, जिससे इलाज सस्ता होने की उम्मीद है। कुछ मेडिकल उपकरण और जरूरी वस्तुओं पर भी शुल्क में राहत दी गई है, जबकि तंबाकू और शराब जैसे उत्पाद महंगे हुए हैं।
मेक इन इंडिया और उद्योग:
बजट में मेक इन इंडिया को नई ताकत देने के लिए-
* इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
* बायोफार्मा शक्ति मिशन
* टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की घोषणा की गई है।
साथ ही रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर विकसित करने की योजना भी शामिल है।
कृषि और ग्रामीण विकास:
कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। बागवानी, मत्स्य पालन और डेयरी सेक्टर को समर्थन के साथ-साथ 500 अमृत सरोवर विकसित करने की योजना भी बजट में शामिल है।
वित्तीय अनुशासन:
सरकार ने FY27 के लिए फिस्कल डेफिसिट GDP का 4.3% रखने का लक्ष्य रखा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार विकास के साथ-साथ वित्तीय संतुलन बनाए रखने पर भी ध्यान दे रही है।
कुल मिलाकर, बजट 2026–27 को विकासोन्मुखी और भविष्य की तैयारी वाला बजट माना जा रहा है। हालांकि टैक्स में सीधी राहत सीमित है, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रावधानों से अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।






