देश में एक बार फिर महंगाई का असर आम आदमी के बजट पर दिखाई देने लगा है। रसोई से लेकर बाथरूम तक इस्तेमाल होने वाली कई रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों के दाम बढ़ने शुरू हो गए हैं, हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खाने का तेल, साबुन, डिटर्जेंट, चाय, नूडल्स, चॉकलेट और अनाज जैसे उत्पाद अब नए और बढ़े हुए दामों के साथ बाजार में पहुंच रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सितंबर 2025 में जीएसटी में कटौती के बाद एफएमसीजी कंपनियों ने कुछ समय तक कीमतें स्थिर रखी थीं। लेकिन अब कच्चे माल की लागत बढ़ने, रुपये में कमजोरी और इनपुट खर्च बढ़ने के चलते कंपनियां दाम बढ़ाने का फैसला कर रही हैं। इस वजह से एफएमसीजी सेक्टर से जुड़े कई उत्पादों के पैकेट्स पर नई कीमतें लागू की जा रही हैं।
हालांकि, सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश की कुल खुदरा महंगाई दर अभी भी नियंत्रण में बताई जा रही है और यह भारतीय रिजर्व बैंक के तय दायरे के भीतर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल यह महंगाई व्यापक स्तर पर नहीं बल्कि चुनिंदा रोजमर्रा की वस्तुओं तक सीमित है, लेकिन इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, बाजार में रोजमर्रा के सामान महंगे होने की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले समय में यदि लागत का दबाव बना रहा तो महंगाई का यह असर और गहराने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।




