नई दिल्ली। गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख सूचकांक लाल निशान में फिसल गए, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,200 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ 82,500 के स्तर से नीचे बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी करीब 365 अंक टूटकर 25,500 के नीचे फिसल गया।
सभी सेक्टर दबाव में:
बाजार में गिरावट का असर लगभग सभी सेक्टरों पर देखने को मिला। बैंकिंग, आईटी, ऑटो, एफएमसीजी और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी बनी रही, जिससे बाजार की व्यापक धारणा नकारात्मक हो गई।
गिरावट के प्रमुख कारण:
विशेषज्ञों के अनुसार शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे कई अहम कारण रहे—
* हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली
* वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत
* अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और जोखिम-भरी भावना
* कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर
* बड़े शेयरों में एक साथ बिकवाली का दबाव
निवेशकों को कितना नुकसान?
तेज गिरावट के चलते बाजार पूंजीकरण में भारी कमी आई और निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन अंत में सूचकांक भारी गिरावट के साथ बंद हुए।
आगे क्या?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अल्पकालिक दबाव और वैश्विक कारकों का नतीजा हो सकती है, लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने के बजाय सतर्कता के साथ बाजार की चाल पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।




