लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र जारी है और इस दौरान प्रदेश की राजनीति में हलचल देखने को मिल रही है, इसी क्रम में मंगलवार शाम लखनऊ में ब्राह्मण समुदाय से जुड़े विधायकों और विधान परिषद सदस्यों का एक सहभोज कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसने सियासी गलियारों में चर्चा को तेज कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अधिकांश ब्राह्मण विधायक और कुछ अन्य दलों के विधायक व विधान परिषद सदस्य शामिल हुए, कुल मिलाकर करीब 50 से अधिक जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी बताई जा रही है, यह आयोजन बीजेपी विधायक के आवास पर हुआ, जहां सभी सदस्य एक साथ जुटे।
कार्यक्रम को लेकर आयोजकों की ओर से इसे अनौपचारिक सहभोज और सामाजिक संवाद बताया गया है, उनका कहना है कि यह कोई औपचारिक राजनीतिक बैठक नहीं थी, बल्कि आपसी मेल-जोल और समुदाय से जुड़े मुद्दों पर सामान्य बातचीत का अवसर था।
हालांकि, विधानसभा सत्र के दौरान इस तरह के जमावड़े को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, विपक्षी दलों ने इसे सत्ता के भीतर असंतोष और आगामी राजनीतिक रणनीतियों से जोड़कर देखा है, जबकि बीजेपी नेतृत्व ने इन अटकलों को खारिज करते हुए इसे सामान्य कार्यक्रम बताया है।
फिलहाल, इस सहभोज को लेकर कोई आधिकारिक राजनीतिक निर्णय या प्रस्ताव सामने नहीं आया है, लेकिन सत्र के बीच हुए इस आयोजन ने राज्य की राजनीति में चर्चाओं का माहौल जरूर बना दिया है।





