महराजगंज जिले के केएमसी मेडिकल कॉलेज से रैगिंग का एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय मामला सामने आया है, सोमवार शाम एमबीबीएस प्रथम वर्ष के दो छात्रों के साथ सीनियर छात्रों ने बेरहमी से मारपीट की और उन्हें जूता चटवाकर अपमानित किया। इस गंभीर घटना के बाद सात सीनियर छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पीड़ित छात्रों की पहचान वाराणसी निवासी यशवर्धन सिंह और गाजीपुर निवासी देवांश सिंह के रूप में हुई है, पीड़ितों के अनुसार, सोमवार शाम करीब पांच बजे एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के कुछ सीनियर छात्रों ने उन्हें घेर लिया। रैगिंग देने से इनकार करने पर आरोपियों ने लात-जूतों, बेल्ट और लोहे की रॉड से उनकी बेरहमी से पिटाई की, इस दौरान उनके साथ आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का भी प्रयोग किया गया।
पीड़ित छात्रों का कहना है कि कॉलेज के गार्ड और शिक्षकों के मौके पर पहुंचने के बाद ही मारपीट रुकी। हालांकि, तब तक आरोपी छात्र उन्हें जूता चटवाकर अपमानित कर चुके थे और जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दी।
घटना के तुरंत बाद पीड़ितों ने यूपी-112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को छात्रों से मिलने नहीं दिया। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने घायल छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया और उनके परिजनों को सूचना दी।
परिजनों के अस्पताल पहुंचने के बाद रात करीब 11 बजे दोनों छात्रों को सदर कोतवाली ले जाया गया, जहां उन्होंने लिखित तहरीर दी। सदर कोतवाल निर्भय कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित छात्रों की शिकायत के आधार पर सात सीनियर छात्रों—स्वप्नील जायसवाल, समर प्रताप सिंह, उन्मेश, उत्कर्ष आनंद, अथर्व गर्ग, उत्कर्ष सिंह और पुल्कित—के खिलाफ सामूहिक मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने, अपमानित करने, आपराधिक धमकी देने और रैगिंग से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
कोतवाल के अनुसार, पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में छात्र सुरक्षा और रैगिंग रोकने की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
News Reported by : Jaynendra Upadhyay, Reporter-(Up Live Express)





