नौतनवा और सोनौली के सीमावर्ती क्षेत्रों में लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा आज से पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आरंभ हो गया है। ‘नहाए-खाए’ की विधि से चार दिवसीय इस पावन पर्व की शुरुआत होते ही पूरा वातावरण भक्तिमय और उल्लास से भर उठा।
नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी ने आज क्षेत्र के विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्रती महिलाओं व श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस दौरान नौतनवा नगर पालिका अध्यक्ष बृजेश मणि त्रिपाठी** भी उनके साथ मौजूद रहे।
परंपरा के अनुसार, छठ पर्व 25 अक्टूबर (शनिवार) से प्रारंभ होकर 28 अक्टूबर (मंगलवार) को उषा अर्घ्य के साथ संपन्न होगा। यह पर्व सूर्योपासना और छठी मैया की आराधना का प्रतीक है।
पहले दिन ‘नहाए-खाए’ की परंपरा निभाई जाती है, जबकि दूसरे दिन ‘खरना’ व्रत रखा जाता है, जिसमें व्रती महिलाएं निर्जला उपवास करती हैं। तीसरे दिन संध्या अर्घ्य के रूप में अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है, और चौथे दिन प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ व्रत का समापन होता है।
मान्यता है कि छठी मैया की पूजा करने से संतान सुख, आरोग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। व्रती महिलाएं परिवार की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना के लिए इस कठिन व्रत को पूरे श्रद्धा और निष्ठा से करती हैं।
नौतनवा और सोनौली के सभी छठ घाटों पर भव्य सजावट की गई है। रंग-बिरंगी लाइटों, झालरों और पुष्पों से सजे घाटों की रौनक शाम ढलते ही देखते ही बनती है। श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत माहौल में छठी मैया के गीतों की मधुर धुन गूंज उठी, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक आभा में डूब गया।







