नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के निर्माताओं को कड़ी फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने कहा कि किसी भी समुदाय या वर्ग को नीचा दिखाने वाला नाम स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने फिल्म के शीर्षक पर आपत्ति जताते हुए मेकर्स को इसे बदलने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि किसी एक वर्ग या पेशे को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करना सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुँचा सकता है, अदालत ने सवाल उठाया कि आखिर किसी पूरे समुदाय को बदनाम करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी समाज विशेष की भावनाओं को आहत नहीं किया जा सकता, इस मामले में शीर्षक को लेकर उठी आपत्तियों को गंभीर मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्माताओं को तत्काल बदलाव करने को कहा।
मामले की अगली सुनवाई में मेकर्स को यह बताना होगा कि उन्होंने शीर्षक में क्या संशोधन किया है।




