हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेले से पहले गंगा घाटों और मेला क्षेत्र को लेकर संभावित सरकारी फैसलों पर संत समाज की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। अयोध्या सहित देश के विभिन्न हिस्सों के कुछ साधु-संतों ने उत्तराखंड सरकार से मांग की है कि कुंभ के दौरान धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए कड़े और स्पष्ट निर्णय लिए जाएं।
हिंदू संगठनों का कहना है कि वर्तमान परिदृश्य चिंताजनक है। उनका दावा है कि देश में थूक जिहाद, लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसके साथ ही बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचारों और रोहिंग्या व बांग्लादेशी घुसपैठ की घटनाओं का भी हवाला दिया जा रहा है।
इन्हीं मुद्दों को आधार बनाते हुए हरिद्वार के हिंदूवादी संगठनों ने मांग उठाई है कि कुंभ मेला क्षेत्र को पूर्ण रूप से हिंदू क्षेत्र घोषित किया जाए, ताकि सनातनी अनुष्ठानों की शुद्धता बनी रहे और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण मिल सके।
हालांकि, इस पूरे मामले पर उत्तराखंड सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में संत समाज और हिंदू संगठनों की मांगों पर सरकार क्या रुख अपनाती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।







