लखनऊ, 01 अप्रैल 2026 | लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों द्वारा एल.एल.एम. (LLM) की सीटें बढ़ाने एवं एम.बी.ए. (MBA) प्रवेश प्रक्रिया को पूर्व की भांति विश्वविद्यालय स्तर पर पुनः संचालित किए जाने की मांग को लेकर कुलपति महोदय को ज्ञापन सौंपा गया।
छात्रों ने अपने ज्ञापन में बताया कि वर्तमान में एल.एल.एम. पाठ्यक्रम में मात्र 60 सीटें निर्धारित हैं, जो बढ़ती छात्र संख्या एवं मांग के अनुरूप अत्यंत कम हैं। इससे अनेक योग्य एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। छात्रों ने एल.एल.एम. की सीटों को बढ़ाकर कम से कम 120 किए जाने की मांग की।
इसके अतिरिक्त, एम.बी.ए. प्रवेश प्रक्रिया को कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) के माध्यम से कराए जाने के निर्णय पर भी छात्रों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि पूर्व में विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं आयोजित प्रवेश परीक्षा अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं छात्रहित में थी। वर्तमान व्यवस्था विशेष रूप से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए कठिनाइयाँ उत्पन्न कर रही है।
छात्र नेता प्रसन्न शुक्ला ‘मिट्ठू’ ने कहा कि यह निर्णय छात्र हितों के विपरीत है और इससे बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि एल.एल.एम. की सीटों में शीघ्र वृद्धि की जाए तथा एम.बी.ए. प्रवेश प्रक्रिया को पूर्व व्यवस्था के अनुसार पुनः लागू किया जाए।
छात्र प्रतिनिधियों ने मांग की कि एम.बी.ए. प्रवेश प्रक्रिया को पुनः लखनऊ विश्वविद्यालय स्तर पर ही आयोजित किया जाए, जिससे सभी वर्गों के छात्रों को समान अवसर प्राप्त हो सके।
ज्ञापन प्राप्त करने के पश्चात कुलपति महोदय ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस विषय पर विचार करेगा और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा।
इस अवसर पर आदित्य पाण्डेय, प्रसन्न शुक्ला ‘मिट्ठू’, अक्षत पाण्डेय, आलोक, अनुराग, अभिषेक, रोहित सहित अनेक छात्र उपस्थित रहे।
छात्रों ने आशा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेते हुए छात्रों की समस्याओं का समाधान करेगा।






