महराजगंज।
सेना में भर्ती के नाम पर एक छात्रा से 2.70 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है, जालसाजों ने छात्रा को गोरखपुर बुलाकर न सिर्फ फर्जी ट्रेनिंग कराई, बल्कि उसे आर्मी की वर्दी और फर्जी भर्ती लेटर का झांसा भी दिया, वर्दी पहनकर जब छात्रा अपने गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने उसका जोरदार स्वागत किया—लेकिन कुछ ही दिनों में सारा सच सामने आ गया।

वर्दी पहनकर गांव पहुंची छात्रा, पूरे गांव में स्वागत किया
गांव में निकाला गया काफिला, बाद में खुला बड़ा धोखा :
महराजगंज के निचलौल थाना क्षेत्र के डोमा कांटी गांव की रहने वाली नगमा नाम की छात्रा के साथ यह घटना हुई, आर्मी भर्ती का झांसा देने वाले जालसाजों ने उससे 2.70 लाख वसूल लिए, नगमा जब आर्मी की वर्दी पहनकर गांव लौटी तो लोगों ने सनरूफ कार में बैठाकर उसका भव्य स्वागत किया।
पूरा गांव गर्व से झूम उठा, लेकिन कुछ दिन बाद जब जॉइनिंग लेटर नहीं आया, तो परिवार को शक हुआ। फोन मिलाने पर जालसाजों के नंबर बंद मिले। तब जाकर धोखे की सच्चाई सामने आई।

नगमा को बाद में एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है
कैसे रचा गया पूरा ठगी का जाल :
डोमा कांटी निवासी कैमुद्दीन की बेटी नगमा कृषक इंटर कॉलेज बढ़या में 12वीं की छात्रा है, जुलाई 2025 में उसका चयन कॉलेज की तरफ से NCC प्रशिक्षण के लिए हुआ था।
10 अगस्त को सलेमपुर के मठलार में शूटिंग ट्रेनिंग के दौरान नगमा की मुलाकात धीरज नाम के युवक से हुई, उसने खुद को “आर्मी का जवान” बताते हुए कहा कि नगमा की शूटिंग स्किल बहुत अच्छी है और वह आर्मी में भर्ती हो सकती है।
23 सितंबर को धीरज ने नगमा को गोरखपुर बुलाया, वहां उसने नगमा और अन्य युवाओं को एक खुले मैदान में “फर्जी ट्रेनिंग” कराई, पूरा सेटअप इतना असली लग रहा था कि किसी को शक नहीं हुआ। रनिंग ट्रैक, हाइट मापने का स्टैंड और वर्दीधारी लोग सब मौजूद थे, यहां तक कि मेडिकल जांच भी कराई गई।

अपने माता-पिता और रिश्तेदारों के साथ नगमा
राजस्थान में फर्जी ‘सीओ’ से कराई मुलाकात :
नगमा ने बताया कि ट्रेनिंग के बाद धीरज ने कहा कि नौकरी पक्की हो चुकी है, अब 2.70 लाख जमा कराने होंगे, घर वालों ने खुशी-खुशी पैसे दे दिए, धीरज ने नगमा समेत 5 लड़कियों को पुष्कर (राजस्थान) ले जाकर अंगद मिश्रा नामक व्यक्ति से मिलवाया, जिसने खुद को “सीओ” बताया, उसने भरोसा दिलाया कि “अब जॉइनिंग लेटर आपके घर पहुंचेगा।”
गांव में मना खुशी का जश्न, फिर टूटा सपना :
घर लौटते ही नगमा का पूरे गांव में सम्मान हुआ। लोगों ने उसे “अफसर बेटी” कहकर संबोधित किया।
लेकिन जब कई दिन गुजर गए और कोई लेटर नहीं आया, तो नगमा ने धीरज को फोन किया — नंबर बंद मिला, तब जाकर उसे एहसास हुआ कि उसके साथ बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है।

पिता ने बेटी से कहा वर्दी में देखकर अच्छा लग रहा है
पिता अब भी उम्मीद में :
नगमा के पिता कैमुद्दीन अभी भी यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि बेटी के साथ धोखा हुआ है, उन्होंने कहा, हमें भरोसा है, लेटर जरूर आएगा, मेरी बेटी ने मेहनत की है, उसका सपना अधूरा नहीं रहेगा।
FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी :
थाना इंचार्ज अखिलेश वर्मा ने बताया कि छात्रा नगमा की तहरीर पर दो आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।






