नई दिल्ली: राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर केंद्र सरकार एक नए प्रोटोकॉल पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार इस बात पर मंथन कर रही है कि क्या वंदे मातरम के समय भी उसी तरह खड़े होने की परंपरा तय की जाए, जैसी राष्ट्रगान जन गण मन के दौरान होती है।
सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव का उद्देश्य वंदे मातरम को एक समान सम्मान और औपचारिक मर्यादा देना है। हालांकि, इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक अधिसूचना, कानून या अनिवार्य आदेश जारी नहीं किया गया है।
सरकारी स्तर पर फिलहाल केवल विचार-विमर्श चल रहा है और यदि भविष्य में कोई निर्णय लिया जाता है, तो उसे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लागू किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा समय में वंदे मातरम के लिए खड़े होना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वंदे मातरम पहले से ही राष्ट्रीय गीत के रूप में सम्मानित है, लेकिन इसे लेकर कोई नया नियम लागू करने से पहले सामाजिक और संवैधानिक पहलुओं पर गहन चर्चा आवश्यक होगी।







