देशभर के मोबाइल यूजर्स के लिए बड़ी खबर है, दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी टेलिकॉम कंपनियों को निर्देश जारी किए हैं कि अगले एक सप्ताह के भीतर कम से कम एक सर्किल में Calling Name Presentation (CNAP) फीचर को शुरू करें। इस सुविधा के लागू होते ही फोन उठाने से पहले ही कॉल करने वाले का असली नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा, चाहे नंबर आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव हो या नहीं।
क्या है CNAP (Calling Name Presentation) :
CNAP एक ऐसी सुविधा है, जिसके तहत कॉल आने पर मोबाइल स्क्रीन पर कॉलर का वास्तविक नाम प्रदर्शित होगा, अब तक यह फीचर भारत में उपलब्ध नहीं था, और यूजर्स को ट्रूकॉलर जैसी थर्ड पार्टी ऐप्स पर निर्भर रहना पड़ता था।
DoT ने टेलिकॉम कंपनियों — Vodafone Idea, Bharti Airtel, और Reliance Jio को निर्देश दिए हैं कि इसे 4G और 5G नेटवर्क पर पहले चरण में लागू करें। इसके बाद इस फीचर को 2G नेटवर्क पर भी सक्षम किया जाएगा।
CAF डेटा से जुड़ा होगा CNAP :
इस फीचर को लागू करने के लिए टेलिकॉम कंपनियां Customer Application Form (CAF) के डेटाबेस का उपयोग करेंगी। यह वही फॉर्म है, जो ग्राहक नई सिम लेते समय भरते हैं। इसमें ग्राहक की सभी प्रमाणित जानकारी जैसे नाम, जन्म तिथि, और पता होती है। अब इस डेटा की मदद से कॉल करने वाले का नाम स्क्रीन पर दिखाया जाएगा।
टेक कंपनियों के साथ साझेदारी :
CNAP सिस्टम को तैयार करने के लिए टेलिकॉम कंपनियों ने HP, Dell, Ericsson, और Nokia जैसी प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ साझेदारी की है, Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने जनवरी 2024 में इस फीचर को शुरू करने का सुझाव दिया था, जिसके बाद से इस पर काम तेजी से जारी है।
कुछ सवाल अब भी बाकी :
हालांकि, CNAP लागू करने को लेकर अभी कुछ सवाल बाकी हैं —
* क्या यह फीचर स्पैम या फर्जी नंबरों की पहचान भी करेगा?
* क्या क्रॉस-नेटवर्क कॉलर नेम डिस्प्ले संभव होगा या यह केवल अपने नेटवर्क तक सीमित रहेगा?
क्या होगा फायदा :
इस फीचर के आने के बाद यूजर्स को अब कॉलर की पहचान के लिए किसी थर्ड पार्टी ऐप पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही, कॉल उठाने से पहले ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि कॉल करने वाला कौन है, जिससे धोखाधड़ी और फर्जी कॉल्स पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी।






