हापुड़ जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) से जुड़े वॉट्सएप ग्रुप “समाजवादी पार्टी परिवार” बुधवार देर रात सुर्खियों में आ गया। ग्रुप में अचानक एक अश्लील वीडियो और आपत्तिजनक ऑडियो क्लिप वायरल हो गई, जिससे ग्रुप में अफरातफरी मच गई।
महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को कॉल करके स्थिति की जानकारी ली और सवाल उठने लगे, यह किसने भेजा?” “इसे तुरंत हटाओ!” और ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी! जैसे चर्चित संदेश वायरल हो गए।
वीडियो के वायरल होते ही ग्रुप के स्क्रीनशॉट फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और अन्य वॉट्सएप ग्रुप्स पर तेजी से फैलने लगे। अब यह मामला सोशल मीडिया पर “सपा ब्लू फिल्म कांड” के नाम से ट्रेंड कर रहा है, जिससे न केवल जिले बल्कि प्रदेश में संगठन में हड़कंप मचा है।
एडमिन से जवाब तलब :
घटना की गंभीरता को देखते हुए सपा जिला संगठन ने ग्रुप के एडमिन से रिपोर्ट तलब की है। साथ ही, साइबर सेल को उस नंबर की जांच का जिम्मा सौंपा गया, जिससे वीडियो भेजे गए थे। सूत्रों के मुताबिक, वीडियो भेजने वाले नंबर को फिलहाल ग्रुप से हटा दिया गया है। वरिष्ठ सपा नेताओं का कहना है कि यह घटना पार्टी की अनुशासन नीति पर बड़ा धब्बा है और दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
हाईकमान को भेज दी रिपोर्ट :
हालांकि यह पार्टी का अधिकारिक ग्रुप नहीं है, लेकिन एडमिन सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिलाध्यक्ष हैं। पार्टी की छवि धूमिल करने के आरोप में उनसे जवाब तलब किया गया है। तीन दिन के अंदर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। पूरे मामले की जानकारी प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों को भी भेज दी गई है। ग्रुप एडमिन तेजपाल प्रमुख पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। यदि कोई और सदस्य इस मामले में शामिल पाया गया तो उसे तुरंत पार्टी से निष्कासित किया जाएगा।
ग्रुप अस्थायी रूप से बंद :
घटना के बाद एडमिन ने “समाजवादी पार्टी परिवार” ग्रुप को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। सभी सदस्यों से सोशल मीडिया पर संयम बरतने और अफवाह न फैलाने की अपील की गई है। फिलहाल यह मामला सपा के अन्य ग्रुप्स में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्षी दलों ने भी इस कांड पर तंज कसना शुरू कर दिया है, जबकि सपा कार्यकर्ता दोषी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।





