लखनऊ | राज्य ब्यूरो
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से साइबर धोखाधड़ी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है और इस नाम पर की जाने वाली कॉल या मैसेज पूरी तरह फर्जी होते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है, वर्ष 2017 के बाद प्रदेश के सभी जिलों में साइबर क्राइम थानों को सक्रिय किया गया है, ताकि पीड़ितों को त्वरित सहायता मिल सके।
सीएम योगी ने कहा कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल, व्हाट्सऐप या सोशल मीडिया के माध्यम से न तो गिरफ्तारी करती है और न ही किसी प्रकार की धनराशि की मांग करती है। उन्होंने नागरिकों को आगाह करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी, फोटो, वीडियो या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है तो वह तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए। उन्होंने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक करने की अपील करते हुए सुरक्षित और साइबर अपराध-मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने का संदेश दिया।







