सोलापुर/नई दिल्ली | AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी के “हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी” वाले बयान पर देश की राजनीति गरमा गई है। ओवैसी ने यह बयान महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा के दौरान दिया था।
ओवैसी ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, इसलिए किसी भी धर्म या पहनावे वाली महिला के प्रधानमंत्री बनने पर कोई रोक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इसे भारत की लोकतांत्रिक और समावेशी व्यवस्था का उदाहरण बताया
इस बयान पर कई राजनीतिक और धार्मिक नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने ओवैसी के बयान को खारिज करते हुए कहा कि हिजाब वाली प्रधानमंत्री की बात सपना है, अगर भारत में कोई महिला प्रधानमंत्री बनेगी तो वह साड़ी पहनेगी।
रामभद्राचार्य के इस बयान के बाद बहस और तेज हो गई। भाजपा सहित अन्य दलों के नेताओं ने भी ओवैसी के बयान को लेकर सवाल खड़े किए हैं, वहीं AIMIM समर्थकों का कहना है कि यह बयान संविधान और समानता की भावना से जुड़ा हुआ है।
फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी और विचारधारात्मक टकराव का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है





