दिल्ली में हुए ब्लास्ट के बाद देशभर में हड़कंप मच गया है, इस बीच गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए आतंकियों के मॉड्यूल का निशाना उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थल अयोध्या और वाराणसी थे।
सूत्रों का कहना है कि आतंकी अयोध्या में भी विस्फोट करने की योजना बना रहे थे। इसके लिए गिरफ्तार शाहीन ने अयोध्या के स्लीपर मॉड्यूल को पहले ही एक्टिवेट कर रखा था। हालांकि, आतंकियों की यह योजना पूरी हो पाती उससे पहले ही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विस्फोटक बरामद कर लिया और छापेमारी के दौरान कई गिरफ्तारियां कीं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक की जांच में यह सामने आया है कि लाल किले में हुआ ब्लास्ट आतंकियों की मूल योजना नहीं थी। विस्फोटक में टाइमर या अन्य किसी उन्नत उपकरण का इस्तेमाल नहीं किया गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह विस्फोट हड़बड़ी और जल्दबाजी में किया गया।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आतंकी मॉड्यूल का असली निशाना अस्पताल और भीड़-भाड़ वाली जगहें थीं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को नुकसान पहुंचाया जा सके। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं और साजिश से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।





