नई दिल्ली। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट पेश किया, जिसमें सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं और विकास की दिशा को रेखांकित किया गया। बजट में आम नागरिकों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्योग जगत से जुड़े कई अहम क्षेत्रों पर फोकस किया गया है।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान आर्थिक विकास को गति देने, रोजगार सृजन बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया। बजट में टैक्स प्रणाली, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर पड़ेगा।
सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए निवेश बढ़ाने, पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देने और विकास की रफ्तार बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। बजट के माध्यम से आर्थिक स्थिरता और समावेशी विकास के बीच संतुलन साधने का प्रयास किया गया है।
केंद्रीय बजट में किए गए इन ऐलानों को लेकर विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। बजट की प्रमुख घोषणाओं और बड़े फैसलों पर देशभर की नजर बनी हुई है।






