आरम्भ: एक नई शुरुआत की प्रेरक थीम के साथ सेंट पॉल स्कूल, पारसा मलिक का छठा स्थापना दिवस उत्साह, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा के बीच सफलतापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, आधुनिक संसाधनों और भावी योजनाओं को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बृजेश मणि त्रिपाठी (नगर पालिका अध्यक्ष, नौतनवा) रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विप्लव दौलाग जाउ (एसएसबी कमांडेंट) तथा राकेश कुमार मद्धेशिया (ब्लॉक प्रमुख, नौतनवा) उपस्थित रहे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन:
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने विद्यालय की स्थापना से अब तक की प्रेरक यात्रा पर आधारित नाटक, शास्त्रीय नृत्य, कव्वाली एवं संगीत प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्हें अतिथियों ने मुक्त कंठ से सराहा।
विद्यालय प्रमुख की घोषणा: नई सुविधाएँ
विद्यालय प्रमुख अपूर्वा श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यही विद्यालय की पहचान है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी सत्र से
* छात्रावास सुविधा
* एआई आधारित शिक्षण प्रणाली
* स्मार्ट कक्षाएँ
* कक्षा 11वीं एवं 12वींकी शुरुआत की जाएगी, उनका लक्ष्य आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समन्वय से छात्र-मित्र वातावरण विकसित करना है।
उप-प्रधानाचार्य का दृष्टिकोण:
उप-प्रधानाचार्य करण मल्होत्रा ने बताया कि वर्ष 2021 के बाद से विद्यालय निरंतर प्रगति के नए आयाम छू रहा है। सुव्यवस्थित विज्ञान प्रयोगशालाएँ, आधुनिक कंप्यूटर लैब, खेल सुविधाएँ और अनुभवी शिक्षकों की टीम विद्यालय को क्षेत्र में विशिष्ट पहचान दिला रही है, भविष्य में और विशेषज्ञ शिक्षकों को जोड़ने की योजना भी साझा की गई।
अतिथियों के प्रेरक विचार:
मुख्य अतिथि बृजेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि सेंट पॉल स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मजबूत स्तंभ बनकर उभर रहा है और शिक्षा के साथ संस्कार व चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान आवश्यक है।
विशिष्ट अतिथि विप्लव दौलाग जाउ ने अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और परिश्रम का संदेश देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ अनुशासन जुड़ जाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं, ब्लॉक प्रमुख राकेश कुमार मद्धेशिया ने प्रेरक कथन के साथ विद्यार्थियों को मेहनत और शिक्षकों के प्रति सम्मान का संदेश दिया—
> शिक्षा उस शेरनी का दूध है, जो पियेगा वही दहाड़ेगा।






