सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी क्षेत्र में एसएसबी 50वीं बटालियन के तत्वावधान में मानव तस्करी की रोकथाम एवं जागरूकता को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, कार्यशाला में मानव तस्करी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी देते हुए महत्वपूर्ण दिशा–निर्देश साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. भानुजा सरन ने मानव तस्करी के सोर्स–ट्रांजिट–डेस्टिनेशन चक्र पर विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया और इसके विभिन्न चरणों को समझाया, वहीं एएचटीयू प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मानव तस्करी संगठित नेटवर्क के माध्यम से संचालित होती है, जिसे तोड़ने के लिए सतर्कता और समन्वय बेहद जरूरी है।
प्रसून शुक्ल ने मानव तस्करी की प्रक्रिया में शामिल रिक्रूटमेंट, ट्रांसपोर्टेशन और एक्सप्लॉइटेशन पर विशेष प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय को मानव तस्करी की रोकथाम की कुंजी बताया।
कार्यशाला की अध्यक्षता एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट संजय के. पी ने की। इस अवसर पर एसएसबी के जवानों के साथ-साथ एमएसएमवीएस संस्था के सदस्य भी उपस्थित रहे।
News Reported by : Pulkit Kumar Agrahari, Reporter- (Up Live Express)





