अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में आज दो FIR दर्ज हो सकती हैं। पहली FIR यूपी युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला और दूसरी धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे करा सकते हैं।
संतोष दुबे का कहना है कि इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका की भी FIR दर्ज कर जांच होनी चाहिए, क्योंकि अब तक जितने भी संदिग्ध पकड़े गए हैं, वे सभी इन्हीं तीनों लोगों के करीबी बताए जा रहे हैं।
सोमवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और सदस्य गोपाल राव से मामले को लेकर जानकारी ली। इसके अलावा, 8 से 10 संदिग्ध कर्मचारियों से बंद कमरे में करीब 6 घंटे तक पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, SIT ने मंदिर के सुरक्षा अधिकारियों से यह भी जानकारी ली कि कर्मचारियों की मंदिर से बाहर जाते वक्त चेकिंग होती थी या नहीं।
जांच में सामने आया है कि कर्मचारियों के मंदिर परिसर में प्रवेश के समय तो चेकिंग की जाती थी, लेकिन बाहर निकलते वक्त तलाशी नहीं होती थी, जबकि नियमों के अनुसार आते-जाते समय चेकिंग अनिवार्य है।
अब तक 2 करोड़ रुपए की बरामदगी: चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 5 लोगों—लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर—के नाम सामने आए हैं। इन लोगों की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हुई है। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े रहे हैं। लवकुश और अनुकल्प फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।
सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने उठाया था मुद्दा: सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी हुई है। अखिलेश यादव ने भी कहा था कि मामले पर सरकार की चुप्पी संदिग्ध है और कोर्ट को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। वहीं, चंपत राय ने सफाई देते हुए कहा था कि अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है।
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग की थी। इसके अगले दिन, 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट तलब कर ली।




