नई दिल्ली।
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) के 52वें नेशनल मैनेजमेंट कन्वेंशन में कहा कि भारत के लिए युद्ध के दौरान भूमि पर नियंत्रण ही असली “करेंसी ऑफ विक्ट्री” (विजय की मुद्रा) रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत “दो-और-आधी फ्रंट” (two-and-a-half-front) सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है, आर्मी चीफ ने इस दौरान अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का हवाला देते हुए बताया कि वैश्विक स्तर पर भी किसी युद्ध की असली कीमत जमीन पर कब्जे से तय होती है।
जनरल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी संघर्ष की स्थिति में भारतीय थलसेना की भूमिका निर्णायक बनी रहेगी।






