महाराजगंज में दशहरा पर्व और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर सुरक्षा को बेहतरीन ढंग से सुदृढ़ किया गया है, बृहस्पतिवार को रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का भव्य दहन होगा, जिसके साथ ही दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन भी होगा।
जनपद में कुल 1438 दुर्गा पूजा समितियां स्थापित की गई हैं। प्रत्येक समिति के लिए एक बीपीओ (बीट पुलिस अधिकारी) को जिम्मेदारी दी गई है, जो मूर्ति स्थापना से लेकर विसर्जन तक की सभी गतिविधियों पर नजर रखेगा, समितियों ने स्वयंसेवकों के माध्यम से पंडालों की देखरेख की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है।
मिशन शक्ति टीम हर पंडाल पर सतत निगरानी करेगी, सभी स्थलों पर बालू की बाल्टी और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखे गए हैं। साथ ही, सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए जिले को 5 जोन और 81 सेक्टरों में बांटा गया है, 149 विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, गोताखोर और नाव की व्यवस्था की गई है। हर स्थल पर एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में 10 निरीक्षक, 25 उप-निरीक्षक, 40 महिला कांस्टेबल, 200 हेड कांस्टेबल और दो कंपनियों की पीएसी तैनात की गई है। इसके अलावा, 112 पीआरबी की 38 चार पहिया और 31 दो पहिया वाहन लगातार गश्त करेंगे।
त्वरित कार्रवाई के लिए 10 क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) टीमें बनाई गई हैं, एक विशेष टीम संवेदनशील इलाकों पर सतत नजर रखेगी, सोशल मीडिया सेल सभी प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखेगा, भारत-नेपाल सीमा पर भी अलर्ट जारी किया गया है और संबंधित थाना पुलिस को आपसी समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने बताया कि दशहरा पर्व और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न करने के लिए सभी स्तर पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति 5.0 के तहत महिला सुरक्षा और जागरूकता को भी प्राथमिकता दी जा रही है।







