लखनऊ | उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ को लागू किया है। इस योजना के तहत राज्य के युवाओं को ब्याज-मुक्त और बिना गारंटी (Collateral-Free) लोन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे नौकरी के बजाय अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें।
योजना के अंतर्गत पात्र युवाओं को पहले चरण में 5 लाख तक का ब्याज-मुक्त लोन दिया जाता है। व्यवसाय के सफल संचालन और समय पर ऋण चुकाने की स्थिति में दूसरे चरण में अतिरिक्त ऋण की सुविधा भी प्रदान की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में युवाओं से कोई गारंटी नहीं ली जाती।
सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के माध्यम से करीब 1.50 लाख युवाओं को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह योजना विशेष रूप से एमएसएमई और स्वरोजगार सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, जिससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।
राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।





