उन्नाव रेप केस में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के फैसले पर पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि हाई कोर्ट के फैसले में कई गंभीर गड़बड़ियां थीं।
किरण बेदी ने कहा कि सबसे बड़ी गलती यह थी कि एक निर्वाचित विधायक (इलेक्टेड एमएलए) को पब्लिक सर्वेंट नहीं माना गया, जो पूरी तरह से गलत तर्क है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक जनप्रतिनिधि को पब्लिक सर्वेंट न मानना किस आधार पर सही ठहराया जा सकता है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने आगे कहा कि पीड़िता के साथ न केवल शोषण हुआ, बल्कि उसे लंबे समय तक अन्याय का सामना भी करना पड़ा। इसके बावजूद पीड़िता पूरी मजबूती के साथ डटी रही, किरण बेदी ने इस पूरे संघर्ष में पीड़िता का साथ देने वाले वॉलंटियर्स और मीडिया की भूमिका की भी सराहना की।





