डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर NSUI इकाई ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में एक प्रेरणादायी सामाजिक अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय में कार्यरत मजदूर भाइयों के बच्चों को कॉपी, कलम, शैक्षिक पुस्तकें एवं अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की गई।

इस पहल का उद्देश्य केवल अध्ययन सामग्री का वितरण नहीं, बल्कि उन बच्चों के भीतर शिक्षा के प्रति विश्वास, आत्मसम्मान और आगे बढ़ने की प्रेरणा जगाना भी रहा। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब वंचित और श्रमिक वर्ग के बच्चों को भी शिक्षा के समान अवसर मिलें।

कार्यक्रम के दौरान NSUI इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे समय-समय पर इन बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, मार्गदर्शन और भविष्य निर्माण में सहयोग प्रदान करेंगे। बच्चों में भी इस पहल को लेकर अत्यधिक उत्साह दिखाई दिया और उन्होंने पढ़ाई के प्रति अपनी रुचि एवं लगन व्यक्त की।
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, शिक्षा, समान अधिकार और मानव गरिमा के लिए संघर्ष का प्रतीक रहा है। उन्होंने सदैव इस बात पर बल दिया कि शिक्षा ही वह सबसे बड़ी शक्ति है, जो किसी भी व्यक्ति को अन्याय, भेदभाव और पिछड़ेपन से मुक्त कर सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता NSUI इकाई अध्यक्ष बिलाल अहमद के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर महासचिव साद खान ने बाबा साहेब के समता, समान अधिकार और शिक्षा के महत्व पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा नहीं पहुंचेगी, तब तक सच्चे अर्थों में लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की स्थापना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का सपना केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि ऐसा समाज बनाना था जहां हर बच्चा, चाहे वह किसी भी वर्ग से हो, सम्मान और अवसर के साथ आगे बढ़ सके।
वहीं अध्यक्ष बिलाल अहमद ने बच्चों को शिक्षा, सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी का महत्व समझाते हुए कहा कि आज आवश्यकता केवल पढ़ने की नहीं, बल्कि एक जागरूक और संवेदनशील समाज के निर्माण की है। उन्होंने कहा कि NSUI आगे भी इस प्रकार के सामाजिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित करती रहेगी।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष अंकित यादव, महासचिव असफर गाज़ी, आतिफ अख्तर, सचिव ज़ेशान गाज़ी, सह सचिव मेहंदी रिज़वी, फैसल सिद्दीकी, शुभम यादव सहित अन्य कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित साथियों ने यह संकल्प लिया कि शिक्षा और सामाजिक सहयोग के माध्यम से एक ऐसे समाज का निर्माण किया जाएगा, जहां किसी बच्चे का भविष्य केवल उसकी आर्थिक स्थिति के कारण अधूरा न रह जाए।






