भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आज का दिन किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हुआ। विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया (INR) अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इतिहास में पहली बार रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार कर गया।

बाजार खुलते ही रुपये में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे निवेशकों और आम जनता के बीच हड़कंप मच गया। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों ने रुपये पर भारी दबाव बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियों में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो इसका असर भारतीय बाजार, महंगाई और आम लोगों की जेब पर और अधिक देखने को मिल सकता है।




