प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की गई थी। इस अभियान को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास ने एक और बयान जारी किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दास ने अभियान की आलोचना की और इसे हिन्दू धर्म का अपमान बताया। हालांकि, लोगों द्वारा अभियान को खारिज किए जाने का दावा भी उन्होंने किया।
लोगों ने अभियान को बुरी तरह नकार दिया सौरव दास ने अपनी पोस्ट में लिखा, कल दीया जलाने के कैंपेन को भारत के लोगों ने बुरी तरह नकार दिया। और सही भी किया!
दास ने आगे कहा कि लोगों को बेरोजगारी, नौकरी पैदा करने, पेपर लीक, शिक्षा में सुधार, खाने और पेट्रोल में मिलावट, वायु प्रदूषण, भ्रष्ट जजों वगैरह जैसे मुद्दों पर जवाब चाहिए, न कि किसी नेता के जन्मदिन पर दीये जलाना।
पवित्र दीये और आरती इंसान को नहीं…सौरव दास ने अपने बयान में कहा कि इस बात को नहीं भूलना चाहिए कि यह हिन्दू धर्म का अपमान भी था। उन्होंने लिखा कि किसी भी हिन्दू या किसी भी धर्म को मानने वाले व्यक्ति को ऐसे पवित्र दीये और आरती किसी इंसान को नहीं, बल्कि सिर्फ अपने भगवान को अर्पित करनी चाहिए।
CJP नेता ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में बने रहने की चाहत में सरकार और उसके समर्थकों ने एक आम इंसान को अमर बनाने की कोशिश की है। उनके अनुसार, “दूसरे शब्दों में कहें तो, उन्हें भगवान के बराबर बताने की कोशिश की है।” वहीं, CJP के ही आशुतोष रांका ने भी एक पोस्ट में कहा कि “कल जो कुछ भी हुआ, वह बहुत ही भयावह था।”
दिल्ली में 1.25 लाख दीयों से जगमगाया कर्तव्य पथबता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली में ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के तहत गुरुवार को कर्तव्य पथ पर दीपक जलाए गए। अधिकारियों के अनुसार, कर्तव्य पथ मिट्टी के लगभग 1.25 लाख दीयों से जगमगा उठा।
मिट्टी के कई दीयों की मदद से वहां ‘आशीर्वाद का दीया’ शब्द भी बनाए गए। इसके अलावा बीजेपी शासित राज्यों की राजधानियों में भी बीजेपी की ओर से दीये जलाए गए।




