महराजगंज। धानी ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम सभा नगवा में बिजली व्यवस्था लंबे समय से बदहाल बनी हुई है। गांव में पक्के विद्युत पोल के अभाव में कई जगह बांस-बल्ली के सहारे बिजली के तार दौड़ाए गए हैं। कई स्थानों पर तार काफी नीचे तक लटक रहे हैं, जिससे राहगीरों, बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है।
जर्जर और असुरक्षित विद्युत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। गांव की गलियों और रास्तों से गुजरते समय जगह-जगह नीचे लटके बिजली के तार दिखाई देते हैं। बांस के सहारे टंगे ये तार तेज हवा और बारिश के दौरान और अधिक जोखिम पैदा कर सकते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से पक्के विद्युत पोल लगाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति:
नगवा में कई स्थानों पर विद्युत लाइन को बांस-बल्ली के सहारे खड़ा किया गया है। पक्के पोल के बजाय इस तरह की अस्थायी व्यवस्था होने से कई जगह बिजली के तारों की ऊंचाई भी कम हो गई है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मौके का निरीक्षण कराकर पूरी विद्युत लाइन को व्यवस्थित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली की सुविधा के साथ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है, ताकि किसी हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने की स्थिति न आए।
63 केवी ट्रांसफार्मर पर करीब 130 कनेक्शन:
गांव में बिजली की समस्या का दूसरा बड़ा कारण ओवरलोडिंग बताया जा रहा है। नगवा में 63 केवी का एक ट्रांसफार्मर लगा है, जिससे करीब 130 कनेक्शनधारियों को बिजली की आपूर्ति की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ट्रांसफार्मर पर कुल विद्युत भार करीब 144 किलोवाट बताया जा रहा है। अधिक भार के चलते आए दिन फाल्ट की समस्या सामने आती है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार हर दूसरे दिन बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। फाल्ट ठीक होने में समय लगने के कारण लंबे समय तक बिजली नहीं मिल पाती, जिससे घरों के साथ खेती-किसानी और छोटे कारोबार भी प्रभावित होते हैं।
बार-बार बिजली गुल होने से बढ़ी परेशानी:
लगातार बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर ग्रामीणों के दैनिक जीवन पर भी पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कामकाज तक प्रभावित होते हैं। गर्मी और उमस के दौरान बिजली कटौती की परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल फाल्ट ठीक करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। गांव की बढ़ती बिजली जरूरत को देखते हुए ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने के साथ ही विद्युत लाइन का नए सिरे से निरीक्षण करना भी जरूरी है।
पक्के पोल और ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग:
नगवा के लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि बांस-बल्ली के स्थान पर पक्के विद्युत पोल लगाए जाएं, नीचे लटक रहे तारों को ऊंचा और सुरक्षित किया जाए तथा जर्जर विद्युत लाइन को दुरुस्त कराया जाए। इसके साथ ही 63 केवी ट्रांसफार्मर पर बढ़ते भार को देखते हुए उसकी क्षमता बढ़ाने की मांग भी उठाई गई है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत व्यवस्था को व्यवस्थित नहीं किया गया तो असुरक्षित तारों और लगातार हो रहे फाल्ट की समस्या बनी रह सकती है। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई है।




