अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान पर नए प्रतिबंधों से जुड़े ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस कानून के तहत राष्ट्रपति को रूसी तेल और गैस खरीदने वाले कुछ देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिलेगा। इसमें भारत और चीन भी संभावित रूप से शामिल हो सकते हैं।
यह कानून हस्ताक्षर किए जाने के 30 दिन के भीतर प्रभावी होगा। इसके साथ ही रूस की ‘शैडो फ्लीट’ और प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले विदेशी पक्षों पर भी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।कानून के तहत उन जहाजों से जुड़े लोगों और संस्थाओं पर भी शिकंजा कसने की व्यवस्था है, जिनका इस्तेमाल रूसी ऊर्जा कारोबार या प्रतिबंधों से बचने में मदद के लिए किया जाता है।
कानून लागू होने के बाद ट्रंप के पास यह तय करने की व्यापक शक्ति होगी कि किन देशों पर टैरिफ लगाया जाए और उसकी दर कितनी हो। भारत और चीन का नाम इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि दोनों रूस से ऊर्जा खरीदने वाले बड़े देशों में शामिल हैं।






