बाराबंकी की रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में LLB छात्रों की पिटाई का मामला सीधे सीएम योगी तक पहुंच गया, नाराजगी के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है, CO सिटी हर्षित चौहान को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि नगर कोतवाली प्रभारी आरके राणा और गदिया चौकी के सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया।
सरकार ने मामले की जांच IG अयोध्या प्रवीण कुमार को सौंपी है, वहीं, अयोध्या कमिश्नर को यूनिवर्सिटी की वैधता की जांच के आदेश मिले हैं।
ABVP का लखनऊ में हंगामा :
छात्राओं की पिटाई से भड़के ABVP कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव किया और जोरदार नारेबाजी की, जब पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की, तो छात्र सड़क पर धरने पर बैठ गए, हालात बिगड़े तो पुलिस ने छात्रों को टांगकर वैन में भरकर इको गार्डन पहुंचाया।
इसके अलावा छात्रों ने लखनऊ यूनिवर्सिटी के बाहर भी प्रदर्शन किया, यहां वे पुलिस की गाड़ी पर चढ़ गए और विधानसभा तक पैदल मार्च की तैयारी करने लगे, हालांकि पुलिसवालों पर हुई कार्रवाई के बाद मार्च को स्थगित कर दिया गया।
कुछ तस्वीरें देखिए :

सोमवार को युनिवर्सिटी में पुलिस और छात्रो के बीच नोंकझोंक

पुलिस ने छात्रों को दौड़ा कर पीटा, लाठी चर्ज भी कर दिया

छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया, प्रशासनक खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन

लखनऊ यूनिवर्सिटी के सामने पुलिस की गाड़ी पर चढ़कर नारेबाजी की

ABVP कार्यकर्ताओं को पुलिस वैन में भरकर इको गार्डन
भाजपा जिलाध्यक्ष भी नाराज :
भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद मौर्य ने पुलिस कार्रवाई को पूरी तरह एकतरफा बताया, उन्होंने CO सिटी और गदिया चौकी इंचार्ज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी।
सोमवार देर शाम डीएम शशांक त्रिपाठी और एसपी अर्पित विजयवर्गीय घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे। लेकिन गुस्साए छात्रों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया।
आखिर क्या है विवाद?
छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने पिछले 4 साल से परीक्षा नहीं करवाई, 2021 में मान्यता भी खत्म हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी एडमिशन लिए जाते रहे, विरोध करने पर पुलिस बुला ली गई और छात्रों का आरोप है कि पुलिस व कुछ लोग कैंपस में घुसकर हाथापाई करने लगे, इसके बाद लाठीचार्ज हुआ और 12 छात्र घायल हो गए।
जिला अस्पताल लाए गए छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले बेड भी नहीं दिया गया। हंगामे के बाद ही इलाज शुरू हुआ, रात में ABVP कार्यकर्ताओं ने डीएम-एसपी आवास का घेराव किया और पुतला फूंका।
पुलिस का कहना है कि छात्रों ने चौकी में तोड़फोड़ की थी, इसलिए लाठीचार्ज करना पड़ा, वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन का दावा है कि उनकी 2023-24 की मान्यता ऑनलाइन है और किसी छात्र का भविष्य अंधकार में नहीं है।





