ग्लोबल लेवल पर जेट फ्यूल की कीमतों में करीब 100 परसेंट तक उछाल आने के बाद अब एयर इंडिया ने भी Fuel Surcharge में बड़ा बदलाव कर दिया है। कंपनी ने 8 अप्रैल 2026 से पुराने Flat Surcharge को हटाकर Distance आधारित नया Slab System लागू करने का फैसला लिया है।
इस नए सिस्टम के तहत अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूट्स पर दूरी के हिसाब से फ्यूल सरचार्ज लिया जाएगा, जिससे आने वाले समय में एयर इंडिया की उड़ानों का किराया और महंगा होने की संभावना बढ़ गई है।
कंपनी के मुताबिक, यह बड़ा फैसला अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण ग्लोबल जेट फ्यूल की कीमतों में आई भारी तेजी के चलते लिया गया है, जिसने पूरी एविएशन इंडस्ट्री की लागत पर असर डाला है।
टाटा ग्रुप के मालिकाना हक qwवाली एयर इंडिया ने बताया कि फ्यूल सरचार्ज का यह नया ढांचा 8 अप्रैल से घरेलू उड़ानों पर और 10 अप्रैल से प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर लागू होगा। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद एयरलाइंस की ऑपरेशनल कॉस्ट में भारी इजाफा हुआ है, जिसके चलते यह बदलाव जरूरी माना जा रहा है।
घरेलू उड़ानों पर असर (8 अप्रैल से):
घरेलू यात्रा के लिए एयर इंडिया ने अब एक समान फ्यूल सरचार्ज मॉडल को खत्म कर दूरी-आधारित व्यवस्था लागू कर दी है।
0–500 km की छोटी दूरी की यात्रा पर यात्रियों को अब प्रति सेक्टर 299 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
वहीं 2,000 km से ज्यादा लंबी दूरी वाले रूट्स पर यह शुल्क बढ़कर 899 रुपये प्रति सेक्टर तक पहुंच जाएगा।
यह बदलाव सरकार के उस फैसले के अनुरूप बताया जा रहा है, जिसमें घरेलू ATF की कीमतों में बढ़ोतरी को 25 परसेंट तक सीमित किया गया है, ताकि एयरलाइंस और यात्रियों को कुछ राहत मिल सके।
हालांकि, इस सीमित राहत के बावजूद ज्यादातर घरेलू सेक्टरों में टिकट कीमतों के बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है।




