नई दिल्ली।
ऑनलाइन गेमिंग की दुनिया को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। संसद के दोनों सदनों – लोकसभा और राज्यसभा से पास हुए ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन एंड रेगुलेशन बिल को अब देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अंतिम मंजूरी भी मिल गई है।
इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद देश में ऑनलाइन फैंटेसी गेमिंग और उससे जुड़े तमाम ऐप्स पर रोक लगाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
केंद्र सरकार का मानना है कि अनियंत्रित ऑनलाइन गेमिंग युवाओं को नशे की तरह अपनी गिरफ्त में ले रहा था और इससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा था, बल्कि सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा था। यही कारण है कि लंबे समय से इस पर सख्त कानून बनाने की मांग उठ रही थी।
इस नए कानून के लागू होने के बाद अब फैंटेसी गेमिंग ऐप्स के जरिए होने वाली अवैध कमाई, युवाओं की लत और परिवारों पर पड़ने वाले नकारात्मक असर पर कड़ा अंकुश लगाया जा सकेगा। सरकार का दावा है कि यह कदम “जिम्मेदार डिजिटल इंडिया” की दिशा में एक बड़ी पहल साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला डिजिटल सेक्टर में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।







