पहली ही बारिश में ढही लाखों की बाउंड्री वॉल, धानी बाजार के सुंदरीकरण पर उठे बड़े सवाल:

महराजगंज: धानी बाजार | महराजगंज जनपद के धानी बाजार क्षेत्र से विकास कार्यों में गंभीर लापरवाही और निर्माण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों की सुविधा और क्षेत्र के सुंदरीकरण के उद्देश्य से महज कुछ महीने पहले लाखों रुपये की लागत से बनाई गई भव्य बाउंड्री वॉल (चारदीवारी) पहली ही मानसूनी बारिश का सामना नहीं कर सकी, बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात यह नवनिर्मित दीवार अचानक भरभराकर जमींदोज़ हो गई।

इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जिम्मेदार अधिकारियों के दावों की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है। रात में गिरा मलबा, टला फरेंदा जैसा दर्दनाक हादसा स्थानीय लोगों के अनुसार, धानी बाजार स्थित इस सुंदरीकरण स्थल पर दिनभर ग्रामीणों, राहगीरों और व्यापारियों की आवाजाही बनी रहती है। आसपास के मासूम बच्चे भी अक्सर यहां खेलते और समय बिताते हैं। गनीमत रही कि यह बाउंड्री वॉल देर रात सन्नाटे के दौरान गिरी, जिससे एक बड़ा और भयावह हादसा टल गया।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह दीवार दिन के समय गिरती, तो कई लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। लोगों ने फरेंदा क्षेत्र में हाल ही में हुई उस दर्दनाक घटना का भी जिक्र किया, जिसमें बाउंड्री वॉल गिरने से एक मासूम बच्चे की मौत हो गई थी। उनका कहना है कि उस हादसे से भी जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों ने कोई सबक नहीं लिया।

विकास के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का आरोप: महज कुछ महीनों में लाखों रुपये की लागत से बनी बाउंड्री वॉल का ताश के पत्तों की तरह ढह जाना पूरे निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्षेत्रीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में तय मानकों की खुली अनदेखी की गई। उनका कहना है कि घटिया ईंट, बालू और बेहद कम मात्रा में सीमेंट का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण पहली ही बारिश की नमी और पानी का दबाव यह दीवार सहन नहीं कर सकी।

ग्रामीणों ने इसे विकास के नाम पर सरकारी धन के खुले दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग घटना के बाद धानी बाजार के प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी महराजगंज से पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि सुंदरीकरण के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई के धन का दुरुपयोग करने वाले ठेकेदार, संबंधित कार्यदायी संस्था और निर्माण की निगरानी करने वाले अवर अभियंता (JE) की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ तत्काल सख्त विधिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे लापरवाह और जानलेवा निर्माण कार्यों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

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