लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर विधानसभा में स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं बन सकता और न ही कोई मनमाने तरीके से इस पद का उपयोग कर समाज में अव्यवस्था फैला सकता है।
सीएम योगी ने कहा कि शंकराचार्य का पद अत्यंत सम्मानित है और इसकी एक परंपरा, मर्यादा और नियमावली है, जिसका पालन अनिवार्य है। उन्होंने दो टूक कहा कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद या वेश में हो, कानून से ऊपर नहीं है।
मुख्यमंत्री का यह बयान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े हालिया विवाद और प्रयागराज माघ मेले के दौरान उत्पन्न स्थिति के संदर्भ में आया है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धार्मिक पदों का दुरुपयोग कर कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का दायित्व सभी नागरिकों की सुरक्षा और शांति बनाए रखना है। चाहे संत हों या सामान्य नागरिक, सभी को कानून और व्यवस्था का पालन करना होगा, मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा।
सीएम योगी के इस बयान को सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और धार्मिक-सामाजिक मर्यादा को बनाए रखने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।





