लखनऊ-कानपुर सफर अब सिर्फ 45 मिनट में: कल होगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन, 14 जुलाई से आम जनता के लिए खुलेगा रास्ता।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पूरी तरह तैयार हो चुका है। 13 जुलाई यानी कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका भव्य उद्घाटन करेंगे। इसके बाद 14 जुलाई से यह एक्सप्रेस-वे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। यह अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे कुल 63 किलोमीटर लंबा है।
अभी तक लखनऊ से कानपुर पहुंचने में करीब ढाई से तीन घंटे का समय लगता है, लेकिन NHAI का दावा है कि अब यही सफर महज 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। हालांकि, इस सुविधा के लिए यात्रियों को पहले की तुलना में करीब तीन गुना अधिक टोल देना होगा। कार से लखनऊ से कानपुर जाने पर अब 275 रुपये टोल देना होगा, जबकि पहले यह शुल्क 95 रुपये था।
इस एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया वाहनों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। यह देश का पहला बैरियर-लेस एक्सप्रेस-वे होगा, जहां टोल प्लाजा से 500 मीटर पहले लगाए गए, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और फास्टैग रीडर बिना वाहन रोके स्वतः टोल काट लेंगे। सुरक्षा के लिहाज से भी यह एक्सप्रेस-वे बेहद आधुनिक बनाया गया है।
यदि कहीं कोई हादसा होता है, तो AI कैमरे तुरंत NHAI के कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देंगे, जिससे आपातकालीन सहायता तेजी से पहुंचाई जा सकेगी।
एलिवेटेड सड़क से शहर के जाम से मिलेगी राहत: एक्सप्रेस-वे का 18 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड बनाया गया है। इससे अमौसी, सरोजनीनगर और NH-27 के आसपास लगने वाले ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। स्कूटर इंडिया के पुराने परिसर के पास तक एलिवेटेड सड़क तैयार की गई है, जिससे वाहन बिना किसी रुकावट के आसानी से गुजर सकेंगे।
आउटर रिंग रोड से मिलेगा सीधा संपर्क: लखनऊ आउटर रिंग रोड को भी इस एक्सप्रेस-वे से जोड़ा गया है। इससे कानपुर की ओर से आने वाले वाहन रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और सुल्तानपुर जैसे जिलों की ओर बिना शहर में प्रवेश किए सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। रिंग रोड पर चढ़ने और उतरने के लिए सर्विस लेन भी तैयार कर दी गई है।





