ईमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया गया मुहर्रम का पर्व ताजियों का जुलूस, अखाड़ों के करतब, क्षेत्र रहा गमगीन माहौल में सराबोर :
बृजमनगंज, महराजगंज
रविवार को बृजमनगंज क्षेत्र में मुहर्रम का पर्व पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया, बृजमनगंज नगर पंचायत सहित कलवारगढ़, मनसफगढ़, आमाकोट आदि स्थानों से ताजियों को नगर के मुख्य चौराहे पर एकत्र किया गया, इसके बाद पूरे कस्बे में ताजियों का जुलूस निकाला गया, जुलूस के दौरान “या हसन, या हुसैन” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
मातमी जुलूस में अखाड़ों के कलाकारों ने लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक शस्त्रों से अद्भुत करतब दिखाकर लोगों को आकर्षित किया, जुलूस लेदवा चौराहे से होते हुए डोमिनगढ़ स्थित कर्बला पहुंचा, जहां ताजियों को विधिपूर्वक सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मुस्लिम समुदाय इस दिन को गम और शोक के रूप में मनाता है, यह दिन ईमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला में दी गई शहादत की याद में समर्पित होता है, मस्जिदों और घरों में इबादत कर अल्लाह से दुआ की जाती है, क्षेत्र के विभिन्न गांवों के ताजियादार कर्बला पहुंचकर ताजियों को मिट्टी में दफन करते हैं।
इस पर्व को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारी की थी, उपजिलाधिकारी विजय कुमार यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी दीपशिखा वर्मा, बृजमनगंज थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह और उपनिरीक्षक अमित कुमार राय के नेतृत्व में पुलिस बल बीते एक सप्ताह से मुस्तैद रहा।
इस अवसर पर अब्दुल सलाम, शमीम कुरैशी, दिलीप चौधरी, सलीम अहमद, अफजल अंसारी, बदरे आलम, सुहेल राइन, नासिर कुरैशी, कल्लू कुरैशी, इकबाल, असलम, सगीर, साजिद अली, राजू, साबिर अली, सफीक, समशेर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।



















































