समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री रामगोविंद चौधरी ने कहा कि भारतीय संविधान में महिला हो या पुरुष, सभी को समान अधिकार प्राप्त हैं, लिंग के आधार पर किसी प्रकार के भेदभाव की अनुमति हमारा संविधान नहीं देता।
उन्होंने कहा कि भारत में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की आधिकारिक प्रेस वार्ता में महिला पत्रकारों को शामिल न होने देना संविधान की सार्वभौमिकता और समानता के सिद्धांत का अपमान है। यदि इस घटना की निंदा और रोकथाम नहीं की गई तथा दोषियों को दंडित नहीं किया गया, तो यह महिला विरोधी मानसिकता को बढ़ावा देगा, जो समाज और देश – दोनों के लिए घातक है।

रामगोविंद चौधरी ने कहा कि डॉ. लोहिया केवल समानता के ही नहीं, बल्कि महिलाओं को विशेष अधिकार दिए जाने के पक्षधर थे। सामाजिक परिवर्तन के लिए उनकी प्रसिद्ध ‘सप्त क्रांति’ में भी महिला सशक्तिकरण एक प्रमुख विषय रहा है।
उन्होंने कहा कि समाजवादियों की जिम्मेदारी है कि महिला विरोधी सोच रखने वाली ताकतों को घुटने टेकने पर मजबूर किया जाए और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत समय पर उचित कार्रवाई की जाए।
कार्यक्रम में समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद फहद, राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव वरुण यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, शोहेल अबरार, सुशील कुमार पांडेय “कान्हाजी”, कोमल गुर्जर, राष्ट्रीय सचिव प्रियांशु राज यादव, शिवा यादव, अनुराग चौधरी, रुद्रवीर यादव, छोटू तोमर, लालवचन चौधरी, राजेंद्र यादव, रामाधार यादव, रणजीत चौधरी, सोनू , सुनील राम, जितेंद्र राजभर, नरेश राम, बी.एन. यादव सहित कई कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।







