काली चरण महाविद्यालय में बीएससी गणित की हालिया परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को शून्य (0) अंक दिए जाने को लेकर आज विद्यार्थियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। छात्रों ने इस फैसले के विरोध में कड़ा रोष जताते हुए परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा।
विद्यार्थियों का कहना है कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सही ढंग से नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें अनुचित रूप से शून्य अंक प्रदान किए गए। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर संतोषजनक रूप से लिखे गए थे, इसके बावजूद बिना समुचित जांच-पड़ताल के कॉपियों का मूल्यांकन कर दिया गया। इससे न केवल छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, बल्कि पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक ने छात्रों को आश्वासन दिया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में यदि किसी भी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो उसे सुधारा जाएगा।
इस मौके पर छात्रनेता रोहित यादव ने कहा, गणित जैसे विषय में बड़ी संख्या में छात्रों को शून्य अंक मिलना यह साबित करता है कि कॉपियों की जांच गंभीरता से नहीं की गई है। यह सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है। हम सभी उत्तर पुस्तिकाओं की निष्पक्ष और पारदर्शी री-चेकिंग की मांग करते हैं।
वहीं छात्रनेता आदित्य पाण्डेय ने कहा, छात्रों ने मेहनत करके परीक्षा दी है, इसके बावजूद उन्हें बिना सही मूल्यांकन के शून्य अंक दे दिए गए। परीक्षा नियंत्रक ने एक सप्ताह का समय मांगा है। हमें उम्मीद है कि इस अवधि में छात्रों को न्याय मिलेगा, अन्यथा छात्र बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।







