ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल भुगतान को और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से नए सुरक्षा उपायों का प्रस्ताव रखा है। RBI के चर्चा पत्र के अनुसार, ₹10,000 से अधिक की पहली बार की person-to-person डिजिटल ट्रांसफर पर 1 घंटे का अनिवार्य cooling-off period लागू किया जा सकता है। इस दौरान ग्राहक के पास ट्रांजैक्शन को रद्द करने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।
यह प्रस्ताव खासतौर पर Authorised Push Payment (APP) Fraud को रोकने के लिए लाया गया है, जिसमें साइबर ठग लोगों को झांसे में लेकर खुद उनसे पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। RBI का मानना है कि यह 1 घंटे का समय ग्राहकों को धोखाधड़ी पहचानने और समय रहते ट्रांजैक्शन रोकने में मदद करेगा।
हालांकि, low-value transactions और merchant payments को इस प्रस्तावित नियम से बाहर रखा जा सकता है, ताकि रोजमर्रा के सामान्य भुगतान पहले की तरह तुरंत होते रहें। फिलहाल यह सिर्फ प्रस्ताव है और RBI ने इस पर 8 मई तक आम लोगों व stakeholders से सुझाव मांगे हैं। अंतिम नियम फीडबैक के बाद जारी किए जाएंगे।






