लखनऊ | 1090 चौराहे के पास जियामऊ ढलान पर लगभग 12 वर्षों से दुकान लगाकर आजीविका चलाने वाले गरीब दुकानदारों ने एक पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, पीड़ितों का कहना है कि वे अपनी छोटी दुकानों के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
दुकानदारों के अनुसार, करीब दो वर्ष पूर्व प्रियांशु यादव नामक सिपाही यहां आने लगे और स्वयं अपनी भी दुकान लगवाने लगे। आरोप है कि गौतमपल्ली में अपनी दुकान संचालित कराने के उद्देश्य से वह पिछले दो वर्षों से अन्य दुकानदारों को प्रताड़ित कर रहे हैं।

पीड़ितों का कहना है कि उनकी दुकानों को जबरन बंद कराया जाता है, विरोध करने पर मारपीट की जाती है और सामान उठाकर फेंक दिया जाता है।

दुकानदारों ने बताया कि हाल ही में 1090 क्षेत्र में हुई एक घटना के बाद जियामऊ चौकी प्रभारी के सख्त आदेश पर सभी दुकानों को बंद कर दिया गया था। इसके बावजूद आरोपित सिपाही ने निर्देशों का पालन नहीं किया और अपनी दुकान पुनः खोल ली। जब अन्य दुकानदारों ने इसका विरोध किया तो उनके साथ अभद्रता की गई।

पीड़ित पक्ष ने अनुमंडल पदाधिकारी (मध्य जोन) हजरतगंज, लखनऊ को सिपाही प्रियांशु यादव के खिलाफ आवेदन दिया
पीड़ित दुकानदारों ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपित के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे सभी गरीब हैं और न्याय की उम्मीद में प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।





