लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज, नगराम, निगोहां और गोसाईंगंज के कुछ इलाकों में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, यहां लगभग 1,000 से अधिक हिंदुओं को धोखाधड़ी और लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार :
पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सरगना पादरी मलखान को निगोहां के बख्तौरीखेड़ा गांव से गिरफ्तार किया, मलखान पिछले दो वर्षों से ग्रामीणों को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने का गुप्त अभियान चला रहा था। उसने खेत में एक हॉल बनाकर इसे चर्च का रूप दे दिया था और नियमित रूप से प्रार्थना सभाओं का आयोजन करता था।
धर्मांतरण की प्रक्रिया :
मलखान और उसके सहयोगियों ने गरीब और दलित वर्ग के ग्रामीणों को आर्थिक मदद, राशन और इलाज का झांसा देकर धर्मांतरण कराया, करीब 500 ग्रामीणों को बक्तौरीखेड़ा में ईसाई बनाया गया। अब क्षेत्र में कई बड़े और छोटे चर्च बन चुके हैं।
प्रार्थना और प्रचार :
प्रार्थना सभा स्थल पर प्रत्येक रविवार को लोग इकट्ठा होते हैं। महीने में दो बार बड़े स्तर पर चंगाई सभा भी आयोजित की जाती है, इसमें प्रोजेक्टर पर यीशु से संबंधित फिल्म दिखाई जाती है और लोग प्रभावित होकर ईसाई धर्म अपनाते हैं।
पुलिस जांच :
पुलिस ने मलखान के दो बैंक खातों की जानकारी जुटाई है और ट्रांजेक्शन का ब्योरा मांगा गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह को फंडिंग कहां से मिलती थी।
विशेष जानकारी :
धर्मांतरण के बाद कई लोग मूर्ति पूजन बंद कर चुके हैं, लेकिन आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। गिरोह का सरगना स्वयं एससी है और प्रार्थना सभा में मैथ्यू नाम का उपयोग करता था।







