मध्य प्रदेश कैडर की 2011 बैच की IAS अधिकारी नेहा मारव्या सिंह का एक साल के भीतर चौथी बार तबादला किया गया है। खास बात यह है कि उनकी पिछली पोस्टिंग पर कार्यभार संभालने के करीब 50 दिन बाद ही उनका तबादला कर दिया गया। 5 सितंबर 2026 को जारी मध्य प्रदेश सरकार की तबादला सूची में उनका नाम भी शामिल था।
तबादले के बाद नेहा मारव्या सिंह ने IAS अधिकारियों के ग्रुप में अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह बार-बार होने वाले तबादलों से बेहद परेशान और हतोत्साहित हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई IAS अधिकारी इतना असहाय हो सकता है कि उसके अधीन काम करने वाले कर्मचारी ही उसे ट्रांसफर कराने की धमकी देने लगें।
नेहा मारव्या सिंह ने आरोप लगाया कि उनके साथ काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने उनके खिलाफ कथित तौर पर ‘विद्रोह’ जैसा माहौल बनाया और उन्हें तबादले की धमकी दी। उनका दावा है कि उन्होंने कर्मचारियों की कथित अनुशासनहीनता, फाइलें रोकने और दुर्व्यवहार की शिकायत उचित माध्यम से की थी, लेकिन कार्रवाई होने के बजाय उनका ही तबादला कर दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि एक अधिकारी को किसी विभाग को समझने और प्रभावी ढंग से काम करने के लिए पर्याप्त समय चाहिए, लेकिन लगातार छोटे कार्यकाल के कारण वह अपने काम को ठीक से समझने से पहले ही हटा दी जाती हैं। उन्होंने IAS एसोसिएशन से इस मामले को गंभीरता से देखने की अपील की।




