पश्चिम बंगाल- भगवान राम पर TMC विधायक मदन मित्रा के बयान से सियासी विवाद:

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में SIR (Special Investigation Report) को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक मदन मित्रा के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मदन मित्रा ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर कहा कि भगवान राम हिंदू नहीं बल्कि मुसलमान थे।

वायरल वीडियो में मदन मित्रा को यह कहते हुए सुना गया कि भगवान राम का कोई सरनेम नहीं था, और इसी आधार पर उन्होंने यह टिप्पणी की, इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।

बीजेपी का विरोध :
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मदन मित्रा के बयान को हिंदू धर्म और धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया है, भाजपा नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।

TMC ने बनाई दूरी :
विवाद बढ़ने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने विधायक मदन मित्रा के बयान से खुद को अलग कर लिया है, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि TMC भगवान राम का सम्मान करती है और यह बयान विधायक का व्यक्तिगत विचार है, पार्टी की आधिकारिक राय नहीं।

  • Related Posts

    गेमिंग कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से झटका, 28% GST नियम को दी मंजूरी:
    • May 27, 2026

    ऑनलाइन और फैंटसी गेमिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गेमिंग कंपनियों को राहत देने से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों द्वारा दांव…

    Continue reading
    “सबसे असफल मुख्यमंत्री” कहकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर बोला हमला:
    • May 27, 2026

    समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश में बिजली संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में जनता भाजपा को “अच्छे से…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    गेमिंग कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से झटका, 28% GST नियम को दी मंजूरी:
    यूपी सरकार के फैसले से खुश हुए प्रधान, बृजमनगंज ब्लॉक पर जमकर मनाया जश्न:
    “सबसे असफल मुख्यमंत्री” कहकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर बोला हमला:
    पंचायत चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक फैसला, यूपी सरकार ने प्रधानों को बनाया प्रशासक:
    लखनऊ विश्वविद्यालय में ड्रेस कोड के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन, कुलपति से मिलने पर रोक: