देवदत्त शर्मा की मौत से सहारनपुर में सनसनी फैल गई। 52 वर्षीय डिग्री कॉलेज के क्लर्क ने शनिवार शाम करीब 7 बजे अपने घर में तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी दौड़कर कमरे में पहुंची तो वह खून से लथपथ पड़े थे। आनन-फानन में उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
आत्महत्या से पहले क्लर्क ने अपनी भांजी को व्हाट्सएप पर एक भावुक संदेश भेजा। उन्होंने लिखा, “अब अपमान सहन नहीं होता। बार-बार मरने से बेहतर है कि एक ही बार मर जाऊं। कायर नहीं हूं, लेकिन अपमान ने आत्मा को अंदर से मार दिया है। मेरी लाश को पत्नी को छूने न दिया जाए।”
अपने संदेश में उन्होंने अंतिम संस्कार को लेकर भी इच्छा जाहिर की। लिखा कि उनके अंतिम संस्कार में उपलों का इस्तेमाल न किया जाए, इस पर ज्यादा पैसे भी खर्च न किए जाएं और आत्मा की शांति के लिए कोई धार्मिक कार्यक्रम न कराया जाए। उन्होंने यह भी लिखा कि “मैं चाहता हूं कि मेरी आत्मा भटकती रहे। तुम अपनी मां का ख्याल रखना।”
यह घटना सहारनपुर शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर सरसावा थाना क्षेत्र की है। देवदत्त शर्मा डिग्री कॉलेज में क्लर्क होने के साथ-साथ बॉडी बिल्डिंग का भी शौक रखते थे। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष प्रवेश कुमार शर्मा पुलिस और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, जबकि पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की।

सीओ पवन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। जांच के दौरान उस व्हाट्सएप संदेश की जानकारी मिली है, जिसे मृतक ने अपने एक रिश्तेदार को भेजा था। पुलिस सुसाइड नोट की जांच कर रही है। पत्नी और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।




