समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनाव जीतने के लिए धनबल का सहारा लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए पैसे के सिवा कुछ नहीं बचा है। उन्होंने दावा किया कि यह भाजपा की “पाप की कमाई” है, जिसे उत्तर प्रदेश की धार्मिक महिलाएँ कभी नहीं लेंगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जागरूक महिलाएं पूछ रही हैं कि जिन दूसरे राज्यों में महिलाओं को पैसे देने की घोषणा करके चुनाव जीता गया था, वहां एक तरफ देने से आनाकानी की जा रही है और दूसरी तरफ पैसे वापस मांगे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो महिलाएं पैसे वापस नहीं कर पा रही हैं, उनके खिलाफ भाजपा थाने-कचहरी, पुलिस और मुकदमों की निंदनीय कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार जिस 50 हजार रुपये सालाना देने की बात कर रही है, वह पैसा पिछले 10 साल में भी दिया जा सकता था, लेकिन दिया नहीं गया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की महिलाओं के हक-अधिकार के हजारों करोड़ रुपये अपने प्रचार पर खर्च करके सबको ठेंगा दिखा दिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि 50 हजार रुपये हर साल के हिसाब से भाजपा की भ्रष्ट सरकार पिछले 10 साल में महिलाओं के हिस्से का 5 लाख रुपये खा गई और अब केवल 20 हजार रुपये देने का जुमला परोस रही है। उन्होंने कहा कि 20 हजार रुपये, 5 लाख रुपये का केवल 4 प्रतिशत है। इसका मतलब है कि भाजपाई महिलाओं के हक का 96% डकार गये।
उन्होंने आगे कहा कि 80:20 की बात करने वालों ने 96:4 करके भ्रष्टाचार का “सुपर रिकॉर्ड” बना दिया है। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर जुमले वाले 15 लाख रुपये छोड़ भी दें और भाजपा चुनाव में लड़ता दिखने के लिए 20 हजार रुपये दे भी दे, तो भी जनता का भाजपा सरकार पर 4,80,000 रुपये का बकाया निकलता है।
उन्होंने जनाक्रोश का हवाला देते हुए कहा कि आज भाजपा के नेता, संगी-साथी, कार्यकर्ता, समर्थक, झंडे-बैनर सब डर के मारे भूमिगत हो गए हैं। यहां तक कि भाजपा से अब कोई टिकट भी नहीं लेना चाहता है। अखिलेश यादव ने मंदिर में चोरी और बच्चों पर हमले का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के पास न तो नैतिकता बची है और न ही साहस, इसलिए वह पैसे का सहारा ले रही है। अखिलेश यादव ने कहा—“हम 40000 से करेंगे शुरुआतजिसमें ‘बढ़ोतरी’ होगी हर साल!”




