उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। यूपी सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को दोबारा पोस्टपेड सिस्टम में बदलने का फैसला किया है। गुरुवार को यूपी पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार ने इस संबंध में सभी वितरण खंडों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
नए आदेश के तहत अब मई महीने की बिजली खपत का बिल जून में पोस्टपेड तरीके से जारी होगा, जो पहले की तरह हर महीने की 10 तारीख को जनरेट किया जाएगा।
कॉरपोरेशन के आदेश के अनुसार उपभोक्ताओं को पोस्टपेड सिस्टम की सिक्योरिटी राशि 4 बराबर किस्तों में जमा करनी होगी। वहीं, बिजली बकाया राशि को 10 समान किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी गई है। सिक्योरिटी राशि की पहली किस्त मई महीने की खपत पर जारी होने वाले जून के बिल के साथ जमा करनी होगी। बिजली बिल अब उपभोक्ताओं को मैसेज और व्हाट्सएप के जरिए भेजा जाएगा।
जानिए आदेश में क्या-क्या दिए गए निर्देश:
• स्मार्ट मीटर वाले सभी उपभोक्ताओं का बिल हर महीने की 10 तारीख तक जारी किया जाएगा।
• स्मार्ट मीटर से ऑटोमैटिक रीडिंग नहीं मिलने की स्थिति में हर महीने की 5 तारीख तक मैनुअल रीडिंग कराई जाएगी।
• जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं है या गलत दर्ज है, उन्हें भी व्हाट्सएप के जरिए बिल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए विभाग ने विशेष व्हाट्सएप नंबर जारी किए हैं, जहां उपभोक्ता अपनी कनेक्शन संख्या भेजकर बिल प्राप्त कर सकेंगे।
• पोस्टपेड सिस्टम की सिक्योरिटी राशि 4 किस्तों में जमा करनी होगी।
पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन के मुताबिक, प्रीपेड मोड लागू करते समय पोस्टपेड की सिक्योरिटी राशि को उपभोक्ताओं के बैलेंस में ट्रांसफर कर दिया गया था। अब दोबारा पोस्टपेड सिस्टम लागू होने के बाद ‘कॉस्ट डेटा बुक-2026’ और स्वीकृत विद्युत भार के आधार पर नई सिक्योरिटी राशि तय की गई है, जिसे 4 आसान किस्तों में जमा कराया जाएगा।







