बृजमनगंज, महराजगंज | स्थानीय लोगों में उस समय आक्रोश फैल गया जब राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय न्यू पीएचसी फुलमनहा लंबे समय से लावारिस हालात में पड़ा मिला। अस्पताल में प्रभारी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी की तैनाती होने के बावजूद मरीजों को दवा और इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मरीजों की सुविधा के लिए तैनात डॉक्टर साहब पिछले कई महीनों से अस्पताल में दिखाई नहीं दे रहे हैं। पूछताछ करने पर कर्मचारियों द्वारा बताया जाता है कि उनकी ड्यूटी जिला मुख्यालय पर लगी हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि कोरोना काल के बाद से गांवों में आयुर्वेदिक दवाओं का चलन तेजी से बढ़ा है और बड़ी संख्या में लोग आयुर्वेदिक इलाज के लिए सरकारी चिकित्सालयों का रुख कर रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर हरेंद्र जसवार पिछले कई वर्षों से उक्त चिकित्सालय पर कार्यरत हैं। बीते वर्षों में उन्हें जिला आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी मिला, जिसके बाद से वह अधिकतर जिला मुख्यालय पर ही रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिले पर प्रतिदिन कार्य नहीं रहता और शासन द्वारा भी जिला कार्यों के लिए समय निर्धारित किया गया है, बावजूद इसके अस्पताल में उनकी मौजूदगी बेहद कम रहती है।
ग्रामीण कुलदीप, अजय, आर्यन, भोला, राधेश्याम, दीपक, रामजतन और रवि समेत अन्य लोगों ने बताया कि डॉक्टर की लगातार अनुपस्थिति से नाराज होकर आज ग्रामीणों ने चिकित्सालय के गेट पर इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन भी किया।

वहीं इस मामले में डॉक्टर हरेंद्र जसवार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनकी लगातार मीटिंग्स रहती हैं। उनका कहना है कि वह समय-समय पर अस्पताल में उपस्थित होते रहते हैं और जनपदीय कार्यों के चलते जिला कार्यालय पर बैठना पड़ता है।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने सरकार से जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।





